रीवा में नौ महीने से पेंशन नहीं मिलने से परेशान रिटायर्ड कर्मचारी कॉलेज की छत पर चढ़ गया। आत्महत्या की कोशिश से हड़कंप मच गया। प्राचार्य ने समझाइश देकर उसे नीचे उतारा, पेंशन प्रकरण भोपाल भेजा गया।
रीवा के पीएम श्री मॉडल साइंस कॉलेज में प्रोफेसर द्वारा छात्रा को अश्लील मैसेज और धमकी देने का मामला सामने आया, जांच के बाद दो अतिथि विद्वानों को सेवा से हटाया गया
रीवा जिले के सरकारी कॉलेजों में इस बार एडमिशन प्रक्रिया बुरी तरह फ्लॉप रही। 18 कॉलेजों में कुल 27,445 सीटों में से 10,142 सीटें खाली रह गईं। खासकर बैकुंठपुर और संस्कृत कॉलेजों की हालत बेहद खराब है। बैकुंठपुर कॉलेज में 1260 सीटों में से केवल 39 पर ही एडमिशन हुआ। कई नामी कॉलेज भी सीटें नहीं भर पाए, जिससे उच्च शिक्षा की गिरती मांग पर सवाल उठ रहे हैं।
रीवा जिले के 18 सरकारी कॉलेजों में इस साल प्रवेश की स्थिति बेहद खराब है। कुल 27,445 सीटों में से अब तक सिर्फ 13,587 भरी गई हैं, यानी 14,000 से ज्यादा सीटें खाली हैं। कई नए खुले कॉलेजों में हालात और भी बुरे हैं—बैकुंठपुर में 1260 सीटों में सिर्फ 41 प्रवेश हुए हैं। गर्ल्स डिग्री कॉलेज, जो कभी सबसे ज्यादा लोकप्रिय था, वहां भी 50% से कम एडमिशन हुआ है। उच्च शिक्षा विभाग हर दूसरे दिन CLC राउंड चला रहा है, लेकिन छात्र नहीं मिल रहे।
















